भूल गए हो खुद को अगर
दिल में यादे किसी और की बसा ली है
खो चुके हो किसी और के सपनो में
नींद किसी और ने तुम्हारी चुरा ली है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
राजा होगे कभी तुम खुद के
मगर दिल में लालसा यदि पाल ली है
दिल तुम्हारा है मगर
धड़कन किसी और के नाम करा ली है
तो शायद तुम, तुम नहीं....
खुलती आँखों के साथ
साँसे बेचैन हो जाती है तुम्हारी
जानती हूँ दोष तुम्हारा नहीं
मगर दोषी खुद को ही मान लिया है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
ये मेरी रची कोई कल्पना या कहानी नहीं
जिंदगी तुम्हारी है
फैसले तुम्हारे है, किसी और के नहीं
मगर फिर भी
उसके आँखों के नशे में खुद को डूबा लेते हो
उसकी खुशबू में खुद को बिखेर देते हो
तो शायद तुम, तुम नहीं....
जानते हो तुम, उसे रूचि नहीं है तुममे
ना उसका प्यार बन पाओगे तुम
मगर फिर भी
उसके चुप होने से
बेचैनी तुम्हारी बढ़ जाती है
उसके ना दिखने से
साँसे तुम्हारी थम जाती है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
तो शायद तुम, तुम नहीं............
-Mamta Gupta
दिल में यादे किसी और की बसा ली है
खो चुके हो किसी और के सपनो में
नींद किसी और ने तुम्हारी चुरा ली है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
राजा होगे कभी तुम खुद के
मगर दिल में लालसा यदि पाल ली है
दिल तुम्हारा है मगर
धड़कन किसी और के नाम करा ली है
तो शायद तुम, तुम नहीं....
खुलती आँखों के साथ
साँसे बेचैन हो जाती है तुम्हारी
जानती हूँ दोष तुम्हारा नहीं
मगर दोषी खुद को ही मान लिया है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
ये मेरी रची कोई कल्पना या कहानी नहीं
जिंदगी तुम्हारी है
फैसले तुम्हारे है, किसी और के नहीं
मगर फिर भी
उसके आँखों के नशे में खुद को डूबा लेते हो
उसकी खुशबू में खुद को बिखेर देते हो
तो शायद तुम, तुम नहीं....
जानते हो तुम, उसे रूचि नहीं है तुममे
ना उसका प्यार बन पाओगे तुम
मगर फिर भी
उसके चुप होने से
बेचैनी तुम्हारी बढ़ जाती है
उसके ना दिखने से
साँसे तुम्हारी थम जाती है
तो शायद तुम, तुम नहीं.....
तो शायद तुम, तुम नहीं............
-Mamta Gupta